माया बाई लोधी फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण अंचलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के महा-अभियान में एक अत्यंत प्रेरक और सराहनीय जनसहयोग प्राप्त हुआ है। 10 फरवरी 2026 को प्रख्यात समाजसेवी श्री अनिल सोनी जी द्वारा फाउंडेशन को 21 उच्च-गुणवत्ता वाले शैक्षणिक व्हाइट बोर्ड दान स्वरूप भेंट किए गए। यह सहयोग केवल शैक्षणिक सामग्री का दान नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक योगदान है।
"शिक्षा के मंदिर में किया गया हर छोटा-बड़ा सहयोग बच्चों के सुनहरे भविष्य की सबसे मजबूत नींव बनता है। श्री अनिल सोनी जी का यह योगदान ग्रामीण भारत के 600 बच्चों के जीवन में ज्ञान का नया प्रकाश लेकर आया है।"
21 शिक्षकों को मिले व्हाइट बोर्ड, अध्यापन कार्य होगा और भी प्रभावी
श्री अनिल सोनी जी से प्राप्त इन 21 व्हाइट बोर्डों का पारदर्शी और त्वरित वितरण जबलपुर जिले के शाहपुरा, पाटन एवं जबलपुर ब्लॉक में संचालित 'माया बाई फ्री कोचिंग क्लासेस' के 21 समर्पित शिक्षकों को किया गया है। इन बोर्डों का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को पढ़ाने के लिए बेहतर आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वे बच्चों को कठिन विषयों को सरल भाषा में समझा सकें और पढ़ाई को अधिक रोचक व संवादात्मक बना सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार शिक्षकों को सीमित शैक्षणिक संसाधनों और पुराने ब्लैकबोर्डों के साथ बच्चों को पढ़ाना पड़ता था, जिससे चाक की धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी होती थीं। ऐसे में आधुनिक व्हाइट बोर्ड मिलने से शिक्षण कार्य सुगम, स्वच्छ और अत्यंत प्रभावी बन गया है। अब शिक्षक बोर्ड पर स्पष्टता से:
- गणित के कठिन सूत्रों, रेखागणित और ज्यामितीय आकृतियों को सुगमता से हल करा पा रहे हैं।
- हिंदी व अंग्रेजी के कठिन शब्दों, व्याकरण, वर्तनी और शब्दकोश को बच्चों को बड़े अक्षरों में समझा पा रहे हैं।
- विज्ञान के महत्वपूर्ण नामांकित चित्र (Labelled Diagrams), रासायनिक समीकरण और फ्लोचार्ट बनाकर कक्षा को इंटरएक्टिव बना रहे हैं।
- बच्चों को बोर्ड पर बुलाकर स्वयं अभ्यास करने का अवसर दे रहे हैं।
लगभग 600 ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा को मिलेगा सीधा लाभ
इन 21 व्हाइट बोर्डों के माध्यम से फाउंडेशन की संबंधित कोचिंग क्लासेस में नियमित अध्ययन करने वाले लगभग 600 छात्र-छात्राओं की शिक्षा को सीधा लाभ पहुँच रहा है। बेहतर शिक्षण सुविधाओं से बच्चों को पढ़ाई समझने, खुलकर सवाल पूछने और कक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेने के अधिक अवसर मिल रहे हैं।
फाउंडेशन का उद्देश्य केवल बच्चों को कोचिंग उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें एक ऐसा सकारात्मक, स्वच्छ और आत्मविश्वास से परिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण देना भी है, जहाँ वे बिना किसी डर या झिझक के नई चीजें सीख सकें और अपने भविष्य के लिए मजबूत नींव तैयार कर सकें।
अनिल सोनी जी के पुनीत सहयोग के लिए फाउंडेशन ने व्यक्त किया हृदय से आभार
माया बाई लोधी फाउंडेशन एवं समस्त प्रबंध समिति समाजसेवी श्री अनिल सोनी जी के इस नेक एवं निस्वार्थ सहयोग के लिए हृदय से आभार व साधुवाद व्यक्त करती है। शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार का निःस्वार्थ योगदान समाज के अन्य सक्षम व प्रबुद्ध नागरिकों को भी जरूरतमंद बच्चों की सहायता करने के लिए प्रेरित करता है।
"बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने के लिए हमेशा बड़ी धनराशि की आवश्यकता नहीं होती। कई बार एक व्हाइट बोर्ड, कुछ किताबें, कॉपियाँ या अन्य शैक्षणिक सामग्री भी बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को पंख देने के लिए पर्याप्त होती हैं।"
साझा संकल्प: कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे
फाउंडेशन का दृढ़ विश्वास है कि जब समाज के जागरूक नागरिक, समर्पित शिक्षक और सामाजिक संस्थाएँ मिलकर शिक्षा के लिए कार्य करते हैं, तब ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलते हैं।
माया बाई लोधी फाउंडेशन का संकल्प है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक बच्चों तक शिक्षा और सीखने के बेहतर अवसर पहुँचाए जाएँ। इस संकल्प को पूरा करने में श्री अनिल सोनी जी जैसे सहयोगियों का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है।
आइए, हम सब मिलकर शिक्षा की इस मुहिम को आगे बढ़ाएँ, ताकि कोई भी बच्चा केवल संसाधनों की कमी के कारण सीखने और आगे बढ़ने के अवसर से वंचित न रहे।
श्री अनिल सोनी जी को इस नेक पहल के लिए पुनः हृदय से धन्यवाद एवं साधुवाद! 🙏📚
माया बाई लोधी फाउंडेशन — शिक्षा से सशक्त भविष्य की ओर।